Sunday, 26 June 2011

sher

आँधियों में जो दिया ,जलता हुआ निकल जाएगा
पूछ लेना उससे पता हमारा मिल जाएगा.


ये मौत तुम्हे आने में तकल्लुफ़ की जरुरत नहीं 
 आखिर तुम मेरी ज़िन्दगी क आखिरी मेहमान होगा


 

sher

साख से टूट जाए वह पत्ते नहीं हैं हम,
आन्धिययों से कह दो अपनी औकात में रहें ,
दरिया हैं हमे अपना हुनर मालूम है,
जिधर भी निकल जाएँगे रास्ता बन जाएगा. 

Saturday, 25 June 2011

anna k naam ak khat

ye khat desh k karoro log aapko likhna chahtey hai .par likha nahi. kaisay kaisay rup hai varstachar k.kaisay paye nizat.